मंगलवार, 2 मार्च 2010

नारको परीक्षण, ब्रेन ��ीडिँग:न्याय मेँ सहाय��

मैँ बचपन से ही महसूस करता आया हूँ कि समाज मेँ अफवाह भ्रम शंका आदि के आधार पर क़ैसे दबंग एवं अपने अनुकूल प्रदर्शन करने मेँ असफल व्यक्ति अन्याय व शोषण का शिकार होता रहा है?यह भी भ्रष्टाचार एवं कुप्रबन्धन का अंग है.ऐसे मेँ पीस पार्टी के प्रमुख की यह माँग क्रान्तिकारी है कि विभिन्न पदोँ पर नियुक्ति के लिए नारको परीक्षण अनिवार्य किया जाना चाहिए. यह विचार हर वक्त हममेँ कौँधते रहते हैँ. इसका कारण यह है कि मैँ बचपन से परिवार तथा अन्य संस्थाऔँ मेँ ऐसा सहता आया हूँ जो हमेँ कष्ट पहुँचाता आया है.मैँ तो वैसे भी दुनिया मेँ ऊबा सा पैदा हुआ और ऊपर से.............?मधुर तथा ईमानदार वातावरण की तलाश मेँ मैँ और भटका ही. एक पल के किसी प्रेम कौ सजो कर रखने की कोशिस ने हमेँ सुकून दिया है.लेकिन किसी ने कहा है कि प्रभु के सिबा कोई प्रेम के लायक नहीँ है.शेष फिर.....

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